स्वागत है आपका आज के इस लेख में हम जानेंगे Varn Kise Kahate Hain बारे में साथ ही इससे जुड़े परिभाषा एवं प्रकार के बारें में भी चर्चा की जाएगी अतः आपसे निवेदन है कि यह लेख अंत तक जरूर पढ़ें.
वर्ण की परिभाषा-
ध्वनी के सबसे सूक्ष्म रूप को जिन्हें की और आगे विभाजित नहीं करा जा सकता उन्हें वर्ण कहते हैं. भाषा की ध्वनी को लिखने के लिए हम कुछ चिन्हों का उपयोग करते हैं जिन्हें हम हिंदी लिपि के नाम से भी जानते हैं, तो उन्हें ही हम वर्ण कहते हैं. जैसे की क,ख, ग.
वर्णमाला किसे कहते हैं –
ध्वनी के जो चिन्ह होते है जिन्हें वर्ण कहते हैं तो उनके एक सही और व्यवस्थित समूह को हम वर्णमाला कहते हैं.
वर्ण के प्रकार –
हिंदी भाषा के अनुसार वर्ण 2 प्रकार के होते हैं।
1 स्वर 2 व्यंजन
स्वर –
स्वर ऐसी ध्वनी होती हैं जिन्हें बोलने के लिए, जिनका उच्चारण करने के लिए किसी अन्य ध्वनी की आवश्यकता नहीं होती हैं. हम बिना किसी अन्य स्वर का प्रयोग किये बिना स्वर का उच्चारण सकते हैं. हिंदी व्याकरण में कुल 11 स्वर होते हैं.
स्वर-अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ
व्यंजन किसे कहते हैं –
व्यंजन ऐसी ध्वनिया होती हैं जिनका उच्चारण करने के लिए, जिन्हें बोलने के लिए हमें स्वर की सहायता लेनी पड़ती हैं. बिना स्वर का प्रयोग किये हम व्यंजनों को नहीं बोल सकते. जैसे की अगर हमें “क” बोलना हैं तो हम क् + अ बोलते हैं, इनमे एक स्वर भी होता हैं. हिंदी व्याकरण में 36 व्यंजन होते हैं.
व्यंजन वर्ण-क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज,झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, प, फ, ब, भ, म य, र, ल, व श, ष, स, ह क्ष त्र ज्ञ.
परिभाषा-
वर्ण का दूसरा नाम अक्षर है। अक्षर शब्द का अर्थ ही होता है- अनाशवान। अतः वर्ण अखण्ड मूल ध्वनि का नाम है। वह किसी शब्द का वह खण्ड है, जिसे खण्ड-खण्ड नहीं किया जा सकता, जिसका विभाजन नहीं किया जा सकता। प्रत्येक वर्ण की ध्वनि अपना एक विशेष आकार रखती है। इसी आकार को वर्ण कहते हैं। प्रत्येक भाषा में कई वर्ण होते हैं। हिन्दी की लिपि का नाम देवनागरी है।
भारती वर्मा
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